नई दिल्ली: कुश्ती महासंघ के खिलाफ पहलवानों का विरोध जारी है. हालांकि, कुश्ती संघ को लेकर ताजा विवाद के बाद केंद्र सरकार ने महासंघ के चुनाव होने के बाद नई चुनी गई कमेटी को भंग कर दिया था. इस विवाद के बीच कई पहलवान और अन्य खिलड़ी भी अपना पुरस्कार वापस करने की बात कर चुके हैं. कुश्ती संघ और पहलवानों के बीच जारी विवाद के बीच राजनीति भी हो रही है. कुछ दिन पहले ही कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने इन पहलवानों से मुलाकात की थी. वहीं, अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बजरंग पूनिया से मुलाकात की है. राहुल गांधी और बजरंग पूनिया की ये मुलाकात हरियाणा के झज्जर में आयोजित एक सभा के दौरान हुई है.
विनेश फोगाट ने किया ऐलान
नए पैनल को खेल मंत्रालय ने किया था निलंबित
बृज भूषण शरण सिंह के करीबी सहयोगी संजय सिंह के नेतृत्व वाले पैनल ने गुरुवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों में जीत हासिल की थी. संजय सिंह के भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के बाद साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का फैसला लिया था. इसके बाद बजरंग पुनिया ने अपना पद्मश्री लौटाने का फैसला लिया था. हालांकि, रविवार को खेल मंत्रालय ने संजय सिंह के नेतृत्व वाले पैनल को निलंबित कर दिया था. इस बीच 3 दिन पहले 21 दिसंबर को ही WFI के चुनाव हुए थे. इसमें बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह नए चीफ बने थे. पहलवान इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं. अब रविवार को खेल मंत्रालय ने कुश्ती संघ को सस्पेंड कर दिया.
बृजभूषण शरण सिंह का संन्यास
अब बृजभूषण शरण सिंह ने फेडरेशन को सस्पेंड किए जाने पर ऐतराज जताते हुए अपने संन्यास की घोषणा की. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैं कुश्ती संघ से संन्यास ले चुका हूं. अब सरकार के फैसले पर जो भी बात करनी होगी, वो नई फेडरेशन करेगी. मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है. मैं सांसद हूं और अपने काम पर फोकस करूंगा.”
